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pgoswami

डा. पी. गोस्वामी, निदेशक

डा. प्रशांत गोस्‍वामी जी की आरंभिक शिक्षा असम राज्‍य में हुई । उन्‍होंने गुवाहाटी विश्‍वविद्यालय से भौतिकी में एम.एससी की उपाधि प्राप्‍त की है । तत्‍पश्‍चात उन्‍होंने वर्ष 1982 में पीएच.डी के लिए भारतीय विज्ञान संस्‍थान (आईआईएस) में प्रवेश लिया; उनके डॉक्‍टरल कार्य गणितीय एवं सैद्धांतिक भौतिकी के क्षेत्र से संबंधित हैं । अपनी पीएच.डी पूरी करने के बाद उन्‍होंने वातावरणीय एवं जलवायु प्रतिरूपण में शोध कार्य किया ।

डा. प्रशांत गोस्‍वामी जी ने सेंटर फौर ऐटमॉस्‍फेरिक एंड ओसीनिक साइंसैज, आईआईएससी में पोस्‍ट डौक्‍टरल अध्‍ययन करने तथा भौतिकी विभाग, आईआईटी, कानपुर में विजिटिंग प्रफेसर रहने के पश्‍चात वर्ष 1993 में सीएसआईआर के गतिणीय प्रतिरूपण एवं कंप्‍यूटर सिमूलेशन केंद्र (सी-एमएमएसीएस) में कार्यग्रहण किया । जिसमें आपकी शोध का मुख्‍य विषय वातावरणीय एवं जलवायु प्रक्रियाओं की मूलभूत समझ से जुड़ी विकासशील पूर्वानुमान क्षमताओं का विकास करना था । डा. गोस्‍वामी जी सीएसआईआर- गतिणीय प्रतिरूपण एवं कंप्‍यूटर सिमूलेशन केंद्र (सी-एमएमएसीएस) में क्‍लाइमेट एंड इनवायरनमेंटल मॉडलिंग प्रोग्रेम के प्रमुख रहे हैं । अब उन्‍हें सीएसआईआर- फोर्थ पैराडाइम इंस्‍टीट्यूट, बेंगलुरु से पुनः पदभार सौंपा गया है ।

डा. गोस्‍वामी जी को पृथ्‍वी एवं ग्रहीय विज्ञान (प्‍लेनेटरी साइंस) में उनके मूलभूत योगदानों के लिए वर्ष 2001 में शांति स्‍वरूप भटनागर पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया है । वह ईएनएस, फ्रांस, एलएमडी में आमंत्रित प्रफेसर (2001-2003) थे । डा. गोस्‍वामी जी ने इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्‍लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) असेसमेंट रिपोर्ट 5, वर्किंग ग्रुप Iके प्रमुख लेखक के रूप में भी कार्य किया है ।

डा. गोस्‍वामी जी ने संकल्‍पना का प्रमाण स्‍थापित करने हेतु प्रायोगिक दीर्घकालीन पूर्वानुमानों सहित मॉडल रिकनि‍‍‍‍फगूरेशन तथा नवीन क्रियाविधि (मैथडोलॉजी) के द्वारा भारत में दीर्घकालीन, मॉनसून के उच्‍च रिजॉल्‍यूशन डायनामिकल फोरकास्टिंग का मार्गदर्शन किया है । उन्‍होंने कर्नाटक राज्‍य प्राकृतिक आपदा मॉनीटरिंग केंद्र, कर्नाटक सरकार के सहयोग से अग्रणी आउटरीच गतिविधि की पहल की है ताकि कौशल एवं प्रयोक्‍ता स्‍वीकृति के लिए नवीन क्रियाविधि (मैथडोलॉजी) सहित होबली स्‍तर (ग्रामीण समुदाय) पूर्वानुमान उपलब्‍ध कराया जा सके ।

जलवायु एवं मौसम सूचनाविज्ञान में अनेक क्षेत्रों के लिए अत्‍यधिक किंतु अप्रयुक्‍त क्षमता है; लेकिन, मौसम तथा अन्‍य प्रक्रियाओं के बीच एक बड़ा अंतर इंटरफेस मॉडल है । डा. गोस्‍वामी जी ने मौसम से जुड़ी बीमारियों जैसे मलेरिया, एआरडी, डेंगू की भविष्‍यवाणी करने के लिए नवीन एल्‍गोरिद्म; बहु-क्षेत्रीय सिनर्जी सहित फसल से जुड़ी बीमारियों एवं नवीकरणीय ऊर्जा के लिए मौसम सूचनाविज्ञान के अनुप्रयोग तैयार किए हैं ।

डा. गोस्‍वामी जी की शोध अनेक क्षेत्रों में उच्‍च इम्‍पैक्‍ट शोध प्रकाशन सहित अत्‍यंत बहु-विषयी है; तथा वर्तमान में उनके 76 उच्‍च-इंपैक्‍ट वाले एससीआई प्रकाशन हैं । इसके अलावा उन्‍होंने अब तक विभिन्‍न विश्‍वविद्यालयों के 8 पीएच.डी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी किया है । वह वैज्ञानिक एवं नवोन्‍मेषी शोध अकादमी में प्रफेसर हैं जहां उन्‍होंने मैथमैटिकल एंड इन्‍फर्मेशन साइंस के अध्‍यक्ष के रूप में कार्य किया है ।

डा. गोस्‍वामी जी ने भारत में अनेक संस्‍थानिक एवं शोध समितियों के अध्‍यक्ष/सदस्‍य के रूप में कार्य किया है । उनका अनेक राष्‍ट्रीय एवं अंतरराष्‍ट्रीय अभिकरणों/समूहों के साथ भी सक्रिय सहयोग है ।  

डा. पी. गोस्‍वामी जी ने 23 नवंबर, 2015 को सीएसआईआर- निस्‍टैड्स के निदेशक का पदभार संभाला है ।